करोड़ों फूंके गरीबों के आशियाने कभी भी हो सकती है धराशायी
निगम द्वारा पीएम आवास के तहत बनाए फ्लैट में है कई तरह की खामियां, हादसे का खतरा
राजनांदगांव । केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा बेखरबारों और गरीबों को कम कीमत पर आशियाना उपलब्ध कराने कई योजनाए चलाई जा रही है। इसी के तहत केन्द्र की मोदी सरकारी की महती योजना प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहर के कुछ जगहों पर आवासों का निर्माण किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार निगम प्रशासन द्वारा शहर में गरीबों के लिए बनाए गए आवास व फ्लैट इस कदर गुणवत्ताहीन है कि व्यवस्थापन के पहले ही इन आवासों में कई तरह की खामियां है। आवासों व फ्लैट में स्तरहीन काम होने से दरारें आ गई है। वहीं छतों में पानी निकासी का साधन ही नहीं है। ऐसे में आवासों के कभी भी धाराशाही होने का खतरा है।
लखोली में बने आवासों का बुरा हाल
निगम प्रशासन द्वारा शहर के लखोली क्षेत्र में पीएम आवास के अंतर्गत फ्लैट का निर्माण किया गया है। यहां पर करीब 150 आवास तीन मंजिला फ्लैट में बना है। स्तरहीन काम होने की वजह से इन फ्लैट के आवासों में जगह-जगह दरारें पड़ गई है। इसके अलावा दरवाजा खिडक़ी अभी से टूट-फूट गई है। वहीं छतों में पानी निकासी का कोई साधन नहीं है। छतों में तालाब जैसे पानी भरा हुआ है। ऐसे में आवास कितने दिन तक टिकाऊ रहेगा यह बता पाना संभव नहीं है।
अभी व्यवस्थापन ही नहीं हुआ और बुरा हाल
लखोली क्षेत्र में गरीबों को आवास उपलब्ध कराने बनाए गए आवासों व फ्लैट में अब तक हितग्राहियों का व्यवस्थापन भी नहीं हुआ है और आवासों का बुरा हाल है। हालात ऐसे है कि इन आवासों के छतों से पानी टपक रहा है। वहीं दीवारों से भी रिसाव हो रहा है। ऐसे में इन आवासों में रहने वाले लोगों का क्या हाल होगा। योजना के तहत करोड़ों रुपए खर्च किया गया है, लेकिन गुणवत्ता पर जरा भी ध्यान नहीं दिया गया है।
ठेकेदारों की अंधेरगर्दी, अफसरों की रजामंदी
आवासों के निर्माण के समय ठेकेदारों द्वारा गुणवत्ता और मटेरियल के मापदंड़ पर जमकर अंधेरगर्दी किया गया है। इसी का नतीजा है कि आवासों के छतों में पानी भरा है और दीवारों में दरारें आ गई है। निर्माण के समय ठेकेदारों ने जमकर मनमानी की है और ठेकेदारों की इस अंधेरगर्दी पर निगम के अफसरों ने सेटिंग के तहत रजामंदी दी है। बने आवासों में कहीं पर भी गुणवत्ताहीन नजर नहीं आ रही है। फ्लैट में जगह- जगह दरारें है। वहीं खिडक़ी- दरवाजे उखड़ चुके हैं। ऊपर की छत पर पानी का भराव मानो तालाब बना दिया हो। सिंटेक्स की टंकियां फूटी हुई है, टंकियों के ढक्कन गायब। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि बिल्डिंग ताश के पत्तो की तरह धराशाही हो सकती है।
पीएम आवास व फ्लैट में इस तरह की गड़बड़ी है तो यह गंभीर मामला है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों व जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
– डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी,
आयुक्त नगर निगम

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