मानपुर में महिला बाल विकास विभाग के सेक्टर सुपरवाइजर सरकार की महत्वाकांक्षी सुपोषण अभियान योजना को कर रहे बंठाढ़ार कलेक्टर दौरा बेअसर


नौनिहाल की सेहत से हो रहा खिलवाड़ ,अधिकारी कर्मचारी नहीं दे रहे हैं ध्यान
 राजनादगांव जिले के वनांचल क्षेत्र में बसे मानपुर ब्लॉक में गुणवत्ता हीन रेडी टू ईट फूड़ का वितरण किया जा रहा है एक तरफ राजनांदगांव के कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा द्वारा वनांचल क्षेत्र मानपुर -मोहला और छुईखदान में सघन सुपोषण अभियान की शुरुआत किया जा रहा है वहीं मानपुर परियोजना के अंतर्गत आने वाले खड़गांव, दीघवाडी, और मानपुर सेक्टर अंतर्गत हो रहे रेडी टू ईट वितरण में निर्माणकर्ता समूह के पैकेजिंग से लेकर पावडर घटिया किस्म के वितरण आंगनबाड़ियों में किया जा रहा है , जिसके खाने वाले बच्चों से लेकर गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर की प्रबल संभावना प्रतीत होता दिखाई दे रहा है ‌।


उत्पादक समूह द्वारा अनुबंध की कंडिका क्रमांक 4.7 का नहीं हो रहा पालन
केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा बनाए गए अनुबंध
 नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है ,जहां केंद्र सरकार द्वारा अनुबंध नियम में कहा गया है कि उत्पादन करता समूह का नाम और सेक्टर का नाम तथा समूह का पंजीयन नंबर,फूड लाइसेंस नंबर तथा भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण का नंबर लिखना अनिवार्य है, क्षेत्र के आंगनबाड़ियों में मिले रेड़ी टू ईट फूड़ पैकेटों में अंकित नहीं है।लेकिन मानपुर परियोजना अधिकारी एवं कर्मचारी निरीक्षण के दौरान इस बात कि ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।








कलेक्टर लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं फिर भी नहीं पा रहे हैं खामियां
कलेक्टर द्वारा मानपुर ब्लॉक का लगातार सघन सुपोषण अभियान को सफल बनाने लगातार दौरा किया जा रहा है ।और कलेक्टर महोदय द्वारा मानपुर ब्लॉक में सघन सुपोषण अभियान में अच्छे परिणाम आने की बात कह रही है वहीं मीडिया टीम जब कलेक्टर के दौरे के बाद वास्तविकता की पड़ताल करने पहुंची तो धरातल पर मामला कुछ और ही नजर आया,आंगनवाड़ी केन्द्रों मिले रेड़ी टू ईट फूड़ के पैकैजिंग में निर्माणकर्ता समूह का नाम, सेक्टर का नाम, पंजीयन नंबर तथा भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण का नंबर लिखना अनिवार्य है ,जिसका परिपालन कराने में विफल होता दिखाई दे रहा है मिडिया टीम को मिले पाकेट में अंकित नहीं है , यहां महिला बाल विभाग के अधिकारी कर्मचारी कलेक्टर को कर रहे हैं गुमराह।




आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट फूड का कराई छन्नी,निकला गेंहू-शक्कर के बड़े दाने
रेड़ी टू ईट फूड़ को गुणवत्ता के परीक्षण के लिए आंगनबाड़ियों रेड़ी टू ईट पाकेट की आटा छन्नी से छनाई कराई गई तो गेंहू और शक्कर के बड़े दाने मिले इससे साफ अंदाज लगाया जा सकता है कि पिसाई सही तरीके से नहीं हुआ है जिसे बच्चों के खाने से बच्चों के गले में फस सकता है। यहां महीन पिसाई की आवश्यकता है जिससे बच्चों के गले में न फंसे ।








परियोजना कार्यालय के नाक के नीचे गुणवत्ता हीन रेडी टू ईट फूड़ का हो रहा वितरण

 आंगनबाड़ी केन्द्रों के कार्यकर्ताओं से मिली जानकारी के अनुसार पर्यवेक्षक आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचते हैं निरीक्षण  पंजी हस्ताक्षर कर चले जाते हैं और खामियों पर  ध्यान नहीं देते। जिले में बैठे प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारी को खबर प्रकाशन उपरांत संज्ञान में लेंगे और उचित कार्रवाई करेंगे ऐसी आशा की जा रही है , ताकि अनुबंध के अनुरूप संचालित हो सके ।
परियोजना कार्यालय में रखें रेडी टू ईट पैकेट का फोटो


परियोजना कार्यालय में  इतने बड़े लापरवाही के बारे में पूछने परियोजना अधिकारी के पास पहुंचे तो वहां अधिकारी मौजूद नहीं थी मीडिया टीम की नजर परियोजना कार्यालय में एक टेबल में रखे रेडी टू ईट पैकेट पर पड़ा तो वहां भी बिना नाम वाला पैकेट दिखाई दिया




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