अन्नदाताओं की मेहनत पर बेमौसम बारिश का कहर*




खड़ी फसल हुए बर्बाद, धान की करपा हुई गीली ,रवि फसल बोवाई पिछड़ा किसानो के माथे पर चिंता के बादल हुई जमकर बारिस व बने हुवे है फिर से बारिस के आसार।



 पिछले सप्ताह भर से बेमौसम बारिश के बादल मंडराने से खैरागढ ब्लॉक में खरीफ फसल धान की कटाई बुरी तरह प्रभावित होने से किसानों को भारी नूकसान हो रही है ।

हरुना किस्म की धान कटाई हो गयी है जिसमें रवि फसल बोवाई भी जोरो पर है जो बेमौसम बारिश से पिछड़ते जा रही है वही माई किस्म की धान की कटाई अंतिम चरण पर चल रही है जो किसानों के खेत में करपा सुखने के बजाय बारिश भींगों रही है किसान फसल बचाने जद्दोजहद में जुटे हुये है ।

  इस आफत की बारिश ने किसानों की तगड़ी  मेंहनत पर पानी फेर दिया है बारहों महिना अन्नदाता को ताबड़तोड़ मेंहनत से मिलने वाले प्रतिफल का इंतजार रहता है जिससे किसान परिवार का गुजर बसर व जिंदगी चलती है बेमौसम बरसात ने किसानों की कमर तोड़ दी है ।व अति चिंता में डाल दिया है।

 रवि की फसल का गेहू चना मसूर लाखड़ी की बोवाई में देर होने से किसान चिंतातूर हो गये है किसानों की आश की जगह निराशा ही हाथ लग रही है किसानों के जीवन यापन में अफरा तफरी मची हुई है अभी भी घने काले बादल छाये हुये है कभी भी बारिश होने का अंदेशा सता रहा है ।

 किसानों को हुई नूकसान का जायजा लेने अभी तक शासन प्रशासन के द्वारा किसी भी जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी नहीं पहुंचे है ।जबकी किसानों को होने वाला क्षति का आंकलन मौके पर ही किया जा सकता है ।फसल बीमा का लाभ ऐसे बेमौसम बारिश से हुवा नुकसान की क्षतिपूर्ति किसानों को मिलना चाहिये ।यदि इसी प्रकार मौसम का मिजाज बना रहा तो किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।व अत्याधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है

  खेतों में धान का करपा सुखने के बजाय बारिश से सड़ने का खतरा मडरा रहा है ।किसानों के साथ ऊपरवाला अन्याय तो कर ही रहा है यहां सरकार भी किसानों की सुध नही ले रही है ।जिससे किसान परिवार के ऊपर संकट का बादल मंडराने लगा है।

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