प्रशासन की लापरवाही से लगातार बुलंद हो रहे अतिक्रमणकारियों के हौसले

 मामला -ग्राम पंचायत बढ़ईटोला का



खैरागढ़. ब्लॉक के बढ़ईटोला ग्राम पंचायत में सड़क किनारे लगातार अतिक्रमणकारियों द्वारा कब्जा किया जा रहा है देख कर भी शासन प्रशासन मौन है। जिससे अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हो गए हैं ग्रामीणों ने इसकी शिकायत ग्राम पंचायतों में कई बार मौखिक रूप से किया लेकिन ग्राम पंचायत प्रतिनिधि सचिव सरपंच ध्यान नहीं देते जिसकी वजह से आज वर्तमान में बढ़ईटोला में लगभग 15 से 20 दुकान सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर अवैध तरीके से बनाया गया है।

रोड़ों की जमीन पर अतिक्रमणकारियों ने किया कब्जा पंचायत के आय को पहुंचा रही है नुकसान

बढ़ईटोला डोंगरगढ़ से खैरागढ़ तथा राजनांदगांव से खैरागढ़ से गुजरने वाली मेंन सड़क के किनारे बसा हुआ है जिसकी वजह से यहां ग्राहकों या आसपास के ग्रामीणों का आवगमन अधिक है और यहां हाई स्कूल, सोसाइटी ,उप स्वास्थ्य केंद्र होने की वजह से किसान, विद्यार्थियों और मरीजों का आना जाना लगा रहता है। यह बहुत भीड़ रहता है जिसकी वजह से यह आसपास के ग्रामीण और गांव के ही ग्रामीण द्वारा लगातार अवैध कब्जे कर के व्यवसायिक परिसर का निर्माण बेधड़क कर रहे हैं तथा पान ठेले रोड किनारे लगा रहे हैं।

शासकीय भवन निर्माण के लिए नहीं बची जगह

अतिक्रमणकारियों के अतिक्रमण की वजह से वर्तमान में बढ़ईटोला में शासकीय भवन निर्माण के लिए जगह नहीं बची है बढ़ई टोला ग्राम पंचायत अभी पटवारी भवन, ग्राम सेवक भवन, पोस्ट ऑफिस भवन, बैंक शाखा जैसे महत्वपूर्ण सुविधाओं से वंचित है ग्रामीणों ने बताया कि कुछ समय पहले खाद्य गोदाम की यहां स्वीकृति हुआ था लेकिन जगह के अभाव में वापस चला गया ग्रामीणों ने यह भी बताया कि हाल ही में पानी टंकी निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया तो पंचायत द्वारा अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई ना करते हुए गांव से बाहर आधा किलोमीटर दूर का जमीन का प्रस्ताव भेजा गया है जिससे ग्रामीण काफी आक्रोश में है।

ग्राम सेवक कार्यलय संचालन होता है किराए पर

ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम सेवक के कार्यालय अभी वर्तमान में निजी भवन में किराए पर संचालित हो रहा है ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पटवारी कार्यालय तथा पोस्ट ऑफिस पुराने पंचायत भवन जो बहुत जर्जर हो गया है उसमें संचालित हो रहा है साथ ही ग्रामीणों ने बताया कि जो पुराने जर्जर भवन हैं उसमें बरसात के दिन में पानी गिरता रहता है जिसकी वजह से पटवारी अपने कार्य का संचालन ठीक से नहीं कर पाता ।

दूसरों को देने लगे है किराए पर

ग्रामीणों ने बताया कि पहले एक दो लोग तंबू तान कर दुकानदारी कर रहे थे फिर उन्होंने तंबू हटाकर पक्की दुकान बनाना शुरू कर दिया अब अतिक्रमणकारियो के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि एक दुकान की जगह दो दुकान बनाकर दूसरे को किराए पर देना शुरू कर दिया है और दूसरे गांव के लोग आकर भी अतिक्रमण कर रहा है फिर भी शासन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है जिससे भविष्य में संकट का सामना करना पड़ सकता है।

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